LIVE UPDATE
रायपुरझमाझम खबरेंदेशप्रदेशराजनीती

मौत के बाद भी नहीं जागा सिस्टम—चीतल कांड में विभाग की भूमिका पर सवाल!”

“मौत के बाद भी नहीं जागा सिस्टम—चीतल कांड में विभाग की भूमिका पर सवाल!”

जीशान अंसारी खोंगसरा, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)खोंगसरा वन परिक्षेत्र में वन्यजीवों की लगातार हो रही मौतों और विभागीय लापरवाही का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। 26 जुलाई 2025 को रेल हादसे में एक नर चीतल की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद आज 10 महीने बाद भी अधर में लटका हुआ है। न तो जांच पूरी हो पाई है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी पर ठोस कार्रवाई की गई है।

ये खबर भी पढ़ें…
20 लाख की सड़क 2 महीने में ढही! भ्रष्टाचार की परतें उधड़ीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब ?
20 लाख की सड़क 2 महीने में ढही! भ्रष्टाचार की परतें उधड़ीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब ?
April 23, 2026
20 लाख की सड़क 2 महीने में ढही! भ्रष्टाचार की परतें उधड़ीं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब? ग्रामीणों का फूटा गुस्सा—“जांच...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस मामले की जांच के लिए एसडीओ कोटा को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद पूरी जांच प्रक्रिया ही ठप पड़ गई। इससे यह सवाल उठने लगा है कि कहीं इस मामले को जानबूझकर दबाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।

ग्रामीणों और समाजसेवियों द्वारा कई बार इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों और वन मंत्री तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शिकायतें फाइलों में दबकर रह गई हैं और विभाग ने चुप्पी साध ली है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

ये खबर भी पढ़ें…
जीगौरेला पेंड्रा मरवाही_में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल- न तो स्कूलों में शिक्षक, न छात्रावासों में जिम्मेदारी—फिर भी वेतन हो रहे जारी
जीगौरेला पेंड्रा मरवाही_में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल- न तो स्कूलों में शिक्षक, न छात्रावासों में जिम्मेदारी—फिर भी वेतन हो रहे जारी
April 24, 2026
जिले में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल- न तो स्कूलों में शिक्षक, न छात्रावासों में जिम्मेदारी—फिर भी वेतन हो रहे...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

खोंगसरा क्षेत्र में वन्यजीवों की मौतों का सिलसिला भी चिंता का विषय बना हुआ है। एक चीतल की संदिग्ध मौत के बाद उसके शव को पेट्रोल डालकर जलाया गया, जो वन्यजीव प्रोटोकॉल का खुला उल्लंघन माना जा रहा है। इसके अगले ही दिन रेल ट्रैक पर एक और चीतल की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की भी सूचना दी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। वनरक्षक कुंजबिहारी पोर्ते के कार्यक्षेत्र में खुले में पोस्टमार्टम और शव जलाने जैसी गंभीर अनियमितताएं भी सामने आई हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग ने केवल औपचारिकता निभाते हुए कुछ कर्मचारियों को नोटिस जारी कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। न तो किसी की जवाबदेही तय की गई और न ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई।

ये खबर भी पढ़ें…
नोटिस का झुनझुना या भ्रष्टाचार का नया फंडा.? केंदा स्कूल कांड में DEO विजय टांडे की संदिग्ध खामोशी और ‘मंत्रालय’ के नाम पर दोषियों को बचा रहे.?
नोटिस का झुनझुना या भ्रष्टाचार का नया फंडा.? केंदा स्कूल कांड में DEO विजय टांडे की संदिग्ध खामोशी और ‘मंत्रालय’ के नाम पर दोषियों को बचा रहे.?
April 24, 2026
जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर/कोटा : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शिक्षा विभाग ने शायद 'टाइम मशीन' का अविष्कार कर ली...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

घटना के 10 महीने बीत जाने के बावजूद न जांच पूरी हुई है और न ही दोषियों पर कार्रवाई की गई है। इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या वन्यजीवों की सुरक्षा केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है।

अब स्थानीय ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने शासन और वन मंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

Back to top button
error: Content is protected !!